परम पूज्य डॉ. कल्लैयाजन्नवरु
1944 – वर्तमान
श्री वीरेश्वर पुण्याश्रम के वर्तमान अध्यक्ष और सेवा की प्रतिमूर्ति
आध्यात्मिक और जीवन यात्रा
परम पूज्य डॉ. कल्लैयाजन्नवरु श्री वीरेश्वर पुण्याश्रम के वर्तमान आध्यात्मिक प्रमुख हैं, जो अपने गुरु पं. डॉ. पुट्टराज गवाई के महान मिशन को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। 1944 में धारवाड़ जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जन्मे कल्लैयाजन्नवरु का झुकाव बचपन से ही अध्यात्म की ओर था। आश्रम में शामिल होकर वे डॉ. पुट्टराज गवाई के प्रमुख शिष्यों में से एक बन गए।
सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान
2010 में आध्यात्मिक अध्यक्ष का पद संभालने के बाद, डॉ. कल्लैयाजन्नवरु ने आश्रम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। उनका मुख्य ध्यान 24 घंटे चलने वाले मुफ्त भोजनालय (अन्नदान सेवा) को जारी रखने और दृष्टिहीन बच्चों के लिए शास्त्रीय संगीत प्रशिक्षण के उच्च स्तर को बनाए रखने पर है। उनके नेतृत्व में ट्रस्ट के 14 स्कूल और कॉलेज गरीब छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
दिव्य विरासत और सीख
अपनी सादगी, दया और सुलभता के लिए प्रसिद्ध, डॉ. कल्लैयाजन्नवरु श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उन्होंने आश्रम के कल्याणकारी कार्यों के विस्तार और शिक्षा सुविधाओं को उन्नत करने में दशकों समर्पित किए हैं। उनके मानवीय नेतृत्व के लिए उन्हें "समाज सेवा रत्न" और मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया है। वे आज भी हाशिए पर पड़े लोगों की सेवा में लगे हुए हैं।